आनन्दमठ

From Wikisource
(Redirected from आनन्द मठ)
Jump to: navigation, search

संन्यासी आंदोलन और बंगाल अकाल की पृष्ठभूमि पर लिखी गई बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की कालजयी कृति आनन्दमठ सन 1882 ई. में छप कर आई। इस उपन्यास की क्रांतिकारी विचारधारा ने सामाजिक व राजनीतिक चेतना को जागृत करने का काम किया। इसी उपन्यास के एक गीत वंदेमातरम को बाद में राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त हुआ।

आनन्दमठ में जिस काल खंड का वर्णन किया गया है वह हन्टर की ऐतिहासिक कृति एन्नल ऑफ रूरल बंगाल, ग्लेग की मेम्वाइर ऑफ द लाइफ ऑफ वारेन हेस्टिंग्स और उस समय के ऐतिहासिक दस्तावेज में शामिल तथ्यों में काफी समानता है।

  1. आनन्दमठ भाग-1
  2. आनन्दमठ भाग-2
  3. आनन्दमठ भाग-3
  4. आनन्दमठ भाग-4
  5. आनन्दमठ भाग-5
  6. आनन्दमठ भाग-6
  7. आनन्दमठ भाग-7
  8. आनन्दमठ भाग-8
  9. आनन्दमठ भाग-9

संबंधित कड़ियाँ[edit]

बाहरी कडियाँ[edit]

http://www.jagran.com/sahitya/Inner.aspx?idarticle=270&idcategory=3