भजन संग्रह

From Wikisource
Jump to: navigation, search

== आरती संग्रह == रामापीर नी आरती == राम भजन संग्रह == == कृष्ण भजन संग्रह = 1. मैंया माखन हम बहुतइ बनात हैं, लाला तेरो खाय जात हे । खोल किवडिया चढे अटरिया,छींका से टपकाये मटकिया पकडें तो नाचे ता थइया । कछु खात हे कछु फैलात हे , लाला तेरो खाय जात हे । मैंया माखन ........ सैंया जावे हाट बाजार,सास हमें देवे फटकार,लगते का तेरो भरतार । याको रोजई तुम दहिया चटात हे,लाला तेरो खाय जात हे । मैंया माखन ...... मैंया सुनलो